Page 15 - Final Comma 12th Edition Dec 25.cdr
P. 15
15
े
या 8वा वतन आयोग एक िव ीय सधार ह
ै
ु
ं
या िफर सम या?
े
े
रत म पहले से ही बजट का बड़ा िह सा पे सन और वेतन म जाता ित माह तय क गई क बीच उनीिफएड प शन क म भी आई िजसम १०,000 . क िमिनमम
े
े
े
ह। तो या दश इसम एक और बड़ खच को उठा सकता ह, यह एक थी। इसक बाद एक-एक कर क एशयोड प सन और फ़िमली प सन का भी ावधान िकया गया। ये आयोग कवल
े
े
ै
ै
े
े
े
ै
भाउलझन ह।ै या इससे अथ यव था पर दबाव बढ़ेगा या र तार कल ु सात वेतन आयोग ह ए िजसम िपछला िवतान आयोग अथा त वेतन यवशा क नह बि क परी प सन यव था क पनरा न क िलए भी ह आ ह।
े
े
े
ै
े ु
ू
े
े
िमलेगी। जब करोड़ो सरकारी कमचा रय क हाथ म एक साथ बड़ी मा ा म धन सातवा वेतन आयोग िजसम िनय तम वेतन को १८,000 . तक कर िदया गया। इसपर आलोचक का कहना ह क वेतन और प सन म बढ़ोतरी से सरकार क बजट
े
े
े
ै
े
ु
रािश आएगी तब बाजार म या हलचल होगी। महगाई बढ़ेगी या या तर क क वा वतन आयोग पर बोझ बढ़ सकता ह।
े
ं
ै
े ं
े
र तार तेज़ होगी। इसक िलए सबसे पहले समझना होगा क वेतन आयोग और
े
े
े
२०२५ क श आत म सरकार म ऐलान िकया क ८व वेतन आयोग का गठन हो खजान पर बोझ
ु
उसक काय या- या ह। ै
े
े
ै
रहा ह। इस आयोग क अ य सव च यायालय क सेवािनवत ृ भारत क िव वष २०२४-२५ म कल बजट ४७ लाख करोड़ का ह िजसम वेतन
े
े ु
ै ं
वेतन आयोग
ै
ु
े
ं
ं
े
यायाधीश,जि टस रजना दसाई ह। साथ ही आईआईएम बगलोर क िनदशक और प सन का ख़रच ८.४ लाख करोड़ का आता ह, जो कल बजट का लगभग १७-
ै
ै
वेतन आयोग तय करता ह क क सरकार का हर कमचारी िफर चाह वो द तावेज़
े
े
पलक घोष बतौर पाट-टाइम सद य और पै ोिलयम सिचव पकज जैन बतौर सद य १८% ह। यिद इसे दश क कल अथ यव था से जोड़ा जाए तो यह कल सकल घरल ू
ै
े
ं
ु
ु
ु
सभालने वाला लक हो या कोई म य सिचव उसको िकस पैमाने पर वेतन िमलेगा इसम शािमल ह। कल-िमलकर यह आयोग लगभग ५० लाख क ीय कमचा रय उ पाद (जीडीपी) का लगभग २.१% होता ह। यािन वेतन और प सन म खच काफ
ु
ं
ै
े
ै ु
े
और सेवािनवि होने पर िकतना प सन िमलेगी। वेतन आयोग कवल प सन बढ़ाने क
ृ
े
आर ६९ लाख प सनस क उ मीद का ितिनिध व करगा। यादा ह। जबिक २०२४-२५ म मनरगा योजना म ८४,000 करोड़, धानम ी ं
ै
े
े
े
बात नह करता बि क कमचा रय क परी िव ीय सरचना जैसे- वेतन, प सन और
ू
ं
े
े
ं
ं
इसक साथ ही ८ वा वेतन आयोग क काय -िनदश यािन टीओआर को भी मजरी ू आवास योजना को इस साल ५४,000 करोड़ और जल जीवन िमशन क कल ु
भ क समी ा करता ह। ै
ै
े
ै
ै
िमल गई ह, यही वो द तावेज़ ह जो आयोग को बताता ह क उ ह िकन म पर अनमािनत लागत लगभग ६७,000 करोड़ पये ह। अथा त िजतना खच दश म े
ै
े
ु
ु
े
भारत म वेतन आयोग क श आत जनवरी १९४६ म ह ई थी, िजसक अ य थे ी
े
े
ु
ै
िशफा रश दनी ह। ै गाँव-गाँव तक पानी,रोजगार और घर पह चाने म होता ह। उतना खच सरकारी
ँ
े
े
ीिनवासन वधा चारी। इस आयोग ने मई १९४७ म अपनी रपोट अत रम सरकार
ं
े
े
काय-िनदश या ह? कमचा रय क वेतन और पे सन म ही िनकाल जाता ह। जबिक िवदश जैसे
े
ै
ै
को सौपी। इसी क
े
े
ै
े
े
काय िनदश यािन टीओआई का अथ ह क आयोग को जो काय करने ह, उसक अम रका म यही िह सा जीडीपी का लगभग १.६%, ि टन म २%, वही ास जो
ै
े
ं
आधार पर उस
सीमा और िज मदा रयाँ या होगी। इसका अथ ह क ८व वेतन आयोग ने अपने उदार क याणकारी काय म क िलए जाना जाता ह वहाँ यह िह सा २.५%
ै
ै
े
े
े
समय क सरकार
ै
ै
े
आिधका रक तौर पर ये बता िदया क उसे या- या काय करना ह, जैसे- वेतन, क आस-पास ह, जबिक जापान म यह िहसा १% तक ह। ै
कमचा रय क
े
े
प सन, भ और और महगाई भ क समी ा िकस कार करनी ह। साथ ही यह भी रा य पर भाव
ै
ं
वेतन तय ह ई,
क िकन पैमानो पर यह िनधा रत होगा और कब से लाग होगा। इसका वेतन और प शन बढ़ोतरी का भाव राजओ पर भी होगा योिक रा य अपने
ु
ू
जो यनतम काय िनदश म बताया ह क आयोग को दश क आिथ क ि थित पर नज़र रखनी ह ै कमचा रय क िलए कदीय िसफ़ा रश को ही अपनाते ह। जैसे राज थान, िहमाचल
ू
ै
े
े
ै
े
ं
५५ .
ं
अथा त सरकार को वेतन बढ़ते व इस बात का भी यान रखना ह, क सरकार क े दश और पजाब पहले ही ओपीएस को अपना चक ह इसिलए उपर ८व वेतन
ै
े
ं
े ु
ै
े
े
े
े
पास दश क िवकास और क याणकारी काय म क िलए भी बजट बचा रह। इसक े आयोग का दबाव और यादा होगा।
अलावा सरकार को यह भी सिनि त करना होगा क रा य सरकार पर इसका या अथ यव था पर वा तिवक असर
ु
ु ु
े
असर पड़गा। इसक साथ सरकार को िनजी े और साव जिनक उप म (पीएसय) ू जब वेतन बढ़ती ह, तब अथ यव था भी मसकराती ह। जब लाख कमचा रय क
ै
े
ै
ै
े
क वेतन सरचना से भी तलना करनी ह तािक सरकारी कमचा रय का वेतन जेब म पये आएगे तब परा बाजार गज उठगा। आम आदमी वेतन िमलने पर कछ ु
े
ं
ु
ू
ंू
सतिलत रह। पैसा ब क म जमा करता ह, कछ पैसा शयर यचअल फ़ड म, कछ पैसा घर- ह ती म
े
े
े
ू ु
ं ु
ं
ै ु
ु
ै
ै
ै
ु
ु
े
े
इसक अित र इस बार काय िनदश म एक और िब द जोड़ा गया ह क परानी प शन तो कछ पैसा खवािहश म खच करता ह। इसका अथ ह वेतन बढ़ने से बाजार को नई
ु
े
ै
ँ
क म जैसी योजनाए िकतनी कारगर और उपयोगी ह योिक यह अिव पोिषत और र तार िमलेगी व तओ क खरीदी बड़गी और इसका सीधा असर दश क
े
ु ं
े
ै
िबना िव पोषण वाली होती ह। यह म ा िपछले कछ साल से चल रही एक बड़ी अथ यव था पर पड़गा।
ु
ु
े
बहस से जड़ा ह आ ह, जो क ओ ड प सन क म इसक बाद लोग वाहन, सोना, जमीन या घर खरीदगे या िफर काही इनवे ट करगे या
ै
े
ु
े
ै
बनाम य प सन क म ह। तो ब क म पजी एक करगे अथा त धन कगा नह बि क बहाव होता रह िजस
े
े
ंू
ू
े
इसी बहस कारण बाजार पर सकारा मक भाव होगा। योिक इसक बाद माग बढ़ेगी और
ं
े
उसक बाद यापार िजससे नए अवसर और नए रोजगार भी िमल गे।

